कैंसर उपचार के लिए चिकित्सीय रैखिक त्वरित्र (लिनाक)

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  समीर ही देश में एक ऐसा संस्थान है जिसने चिकित्सीय अनुप्रयोग के लिए लिनाक मशीन का विकास किया है। इसका विकास 4-6 MeV मशीन के लिए सीएसआईओ और पीजीआई चंडीगढ़ के साथ संयुक्त रूप से किया गया है।

  •  ये मशीने अपने समतुल्य मशीनों से 25%  से  30% कम कीमत की है।
  •     अनुरक्षण एवं पूर्जों में सहायता के लिए एक समिति है।
  •    ये विश्व स्वास्थ्य संगठन विनिर्देशों और परमाणु ऊर्जा नियामक मंडल सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार है।

   सिद्धार्थ

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सिद्धार्थ  -  6 MV  चिकित्सा लाइनक का विकास भारत सरकार के जय विज्ञान मिशन के अन्तर्गत किया गया है। यह रेडियोलॉजिकल तथा गैर रेडियोलॉजिकल सुरक्षा हेतु आई ई सी मानकों के अनुरूप के अनुरूप है और यह टाइप परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड, मुंबई, भारत द्वारा स्वीकृत है। इसकी पहली इकाई महात्मा गाँधी आश्रम के निकट सेवाग्राम, महाराष्ट्र, भारत के एमजीआईएमएस में कार्यशील हो गई है वहीं दूसरी इकाई पुराना कैंसर संस्थान, केनाल रोड, अडियार में कार्यशील है। दोनों ही इकाई आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बड़ी संख्या में रोगियों का उपचार कर रही हैं।

  कैंसर उपचार हेतु MeV रैखिक त्वरित्र

  •   यह कोबाल्ट 60 मशीन का स्थान ले रहा है जो कि बहुत से देशों में अप्रचलित हो रहा है।
  • तीन मशीने संस्थापित हुई हैं। एक-एक मशीने निम्नलिखित स्थानों पर संस्थापित हुईं। 

    i)  पीजीआई, चंडीगढ़
    ii)  सीसीडब्ल्यूएच, ठाकुर पुकुर, कोलकाता।
    iii)  जीएमसीएच, चंडीगढ़

 चौथी मशीन वार्धा, महाराष्ट्र में कार्यशील होने का इंतेजार कर रही है।

   समीर ने 15 MeV चिकित्सा लाइनक मशीन विकास करने का कार्य लिया है।

  कैंसर उपचार हेतु 15 MeV  रैखिक त्वरित्र

  •   4MeV मशीन से उच्चतर क्षमता की है।
  •   विकास का कार्य हो रहा है।