(मूलभूत अनुसंधान एवं विकास गतिविधि)

  • 1680 मेगाहर्ट्ज रेडियो थियोडोलाइट

    Signal Processing भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 1680 मेगाहर्ट्ज पर रेडियो थियोडोलाइट की एक इकाई के विकास को प्रायोजित किया है। इन जमीन आधारित सिस्टमों को रेडियोसोंडे (आरएस) का पता लगाने में उपयोग किया जाता है। रेडियोसोंडे सिस्टम में वायुमंडलीय सेंसर और यूएचएफ ट्रांसमीटर शामिल हैं जिन्हें ऊपरी हवा की नियमित निगरानी के लिए गैस भरे गुब्बारों के साथ उड़ाया जाता है। इन आरएस इकाइयों को आरएस का स्थान निर्धारित करने और इस प्रकार हवा के वेग की गणना के लिए जमीन आधारित आरटी सिस्टमों द्वारा ट्रैक किेया जाता है। रेडियो थियोडोलाइट सिस्टम में 2.1 मीटर व्यास का एक स्टीयरेबल परवलयिक डिश मौजूद है। यह डिश एक मजबूत प्लेटफॉर्म पर लगा हुआ है जो प्रति घंटा 140 किमी की हवा की गति को सहन करने में सक्षम है। आरटी का इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम स्वचालित स्टीयरिंग के साथ मोनो-प्लस ट्रैकिंग का कार्य करता है। इसमें स्वतः आवृत्ति नियंत्रण (एएफसी) की क्षमता भी मौजूद है। एक उन्नत ग्राफिकल उपयोगकर्ता इंटरफेस (जीयूआई) और आधुनिक डेटा प्रोसेसिंग सुविधाओं के साथ यह सिस्टम रेडियो-सोंडे प्रेक्षणों के लिए अत्याधुनिक समाधान प्रदान करता है। विशेषज्ञ समीक्षा समिति द्वारा इस सिस्टम की कार्यक्षमता का तकनीकी रूप से मूल्यांकन किया गया था। फील्ड परीक्षण और प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए इस सिस्टम को आरएसआरडब्लू स्टेशन, सांताक्रुज, मुंबई में स्थापित किया गया था।

  • जीपीएस रेडियोसोंडे

    Signal Processing Signal2ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) रिसीवर अब सस्ती कीमतों पर उपलब्ध हैं। इसके परिणाम स्वरूप कुछ रेडियोसोंडे (RS) इकाइयों में ऑन-बोर्ड जीपीएस रिसीवर मौजूद होते हैं। ऑनबोर्ड जीपीएस रिसीवर अपनी चढ़ाई के दौरान रेडियोसोंडे गुब्बारे का सटीक, उच्च रिजॉल्यूशन स्थितीय डेटा जनरेट करते हैं। यह गुब्बारा स्थितीय डेटा वायुमंडल की उच्च रिजॉल्यूशन ऊर्ध्वाधर वायु प्रोफाइल की गणना के लिए प्रयुक्त होता है। समीर (SAMEER) ने 1680 मेगाहर्ट्ज पर जीपीएस रेडियोसोंडे को सफलतापूर्वक विकसित और प्रदर्शित किया है। समीर (SAMEER) ने अपने ऊपरी हवा डेटा नेटवर्क में उपयोग के लिए जीपीएस रेडियोसोंडे प्रौद्योगिकी के स्थानांतरण हेतु आईएमडी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।

  • सूर्य प्रकाशमापी

    कुल स्तंभाकार ओज़ोन, जलवाष्प, पर्यवेक्षण स्थान के ऊपर वायुमंडल की एअरोसोल ऑप्टिकल थिकनेस के अनुमान के लिए एक पांच चैनल वाला हैंड हेल्ड, फिल्टर फोटो-डिटेक्टर आधारित सूर्य-प्रकाशमापी (सन-फोटोमीटर) सफलतापूर्वक विकसित किया गया है। किफायती, पोर्टेबल सूर्य-प्रकाशमापी वायुमंडलीय एयरोसोल, ओजोन और जलवाष्प के अनुसंधान एवं शैक्षिक अध्ययनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इन पैरामीटरों का अध्ययन वैज्ञानिकों को मौसम और हवा की गुणवत्ता की भविष्यवाणी करने और जलवायु परिवर्तन का पूर्वानुमान करने के मॉडलों को सुधारने में सक्षम बनाता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने सूर्य प्रकाशमापी के 5 प्रोटोटाइप इकाइयों के विकास के लिए इस परियोजना को प्रायोजित किया है।

  • रेडियोमीटर-सोंडे और ओजोन-सोंडे के लिए सिग्नल कंडीशनिंग कार्ड

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    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने ओजोन-सोंडे और रेडियोमीटर-सोंडे के विकास के लिए एक परियोजना को प्रायोजित किया है। ओजोन और स्थलीय विकिरण की माप के लिए ये विशेष प्रकार के रेडियोसोंडे संवाहक सेंसर हैं। इन इकाइयों को डेटा की सेंसिंग सर्किटरी और उन्नत सांख्यिकीय प्रोसेसिंग विधि के लिए सही इंस्ट्रुमेंटेशन की आवश्यकता होती है।

    ओजोन सोंडे और रेडियोमीटर सोंडे के लिए स्वत: डेटा अधिग्रहण और प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर को पूरा कर लिया गया है। रेडियोमीटर सोंडे के लिए विशेष परीक्षण उड़ान जनवरी 2010 में लिए गए थे। ओजोन सोंडे के लिए इसी प्रकार के परीक्षण उड़ानों की योजना जुलाई 2010 में बनाई गई। सफल परीक्षणों के बाद, सिग्नल कंडीशनिंग कार्ड और पीसी आधारित सॉफ्टवेयर पैकेज ऑपरेशनल प्रेक्षणों को संचालित करने के लिए आईएमडी को सौंप दिए गए हैं।



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